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तत्त्वमसि — 1960s Psychedelic Rock 2 by Bond

SongGPT
तत्त्वमसि — 1960s Psychedelic Rock 2 by Bond - 1960S Psychedelic Rock,Gender-Neutral Vocals music cover art

तत्त्वमसि — 1960s Psychedelic Rock 2

1960S Psychedelic Rock,Gender-Neutral Vocals

0:003:12
Lyrics
Description
Verse 1:
शून्य से उपजा है ब्रह्माण्ड,यह वक्त नया नहीं
जो दिख रहा है बदलता, वह तत्त्व नया नहीं
न राह बदली, न मुसाफ़िर, न सफर और न मंजिल
अपनी राह पर चलती धरती का यह सफ़र नया नहीं।
Chorus:
जो दिख रहा है बदलता, वह तत्त्व नया नहीं
अपनी राह पर चलती धरती का यह सफ़र नया नहीं।
यह मौसमों की कहानी नई नहीं, नियम नया नहीं
जो सार है अस्तित्व का, वह कभी नया नहीं
Verse 2:
जो आया है, उसे जाना ही होगा इक दिन,
यह मौसमों की कहानी नई नहीं, नियम नया नहीं
रूप बदलते रहे सदियों से यूँ ही हम तुम मगर,
जो सार है अस्तित्व का, वह कभी नया नहीं
सुख-दुख की लहरें हैं जीवन सागर की दिनचर्या
द्रष्टा जो है अडिग, उस पर असर नया नहीं
Chorus:
जो दिख रहा है बदलता, वह तत्त्व नया नहीं
अपनी राह पर चलती धरती का यह सफ़र नया नहीं।
यह मौसमों की कहानी नई नहीं, नियम नया नहीं
जो सार है अस्तित्व का, वह कभी नया नहीं
Verse 3:
स्मृतियाँ स्वप्न हैं मन के, आशाएँ भी परछाईं,
जो अभी है वही सत्य, शेष सब नया नहीं
ज़रूरतें देह की भाषा, हसरत मन का जाल,
इनसे परे जो ठहरा, उसे डर नया नहीं
न कुछ खोना, न कुछ पाना, न आगे, न पीछे,
जो केंद्र में टिक गया, उसे काल नया नहीं
Bridge:
बीज कर्मों के हैं अपने, फल वक़्त पर आएँगे,
अधिकार बस कर्म पर है, फल नया नहीं
नववर्ष कोई शुरुआत नहीं है जीवन की,
यह आत्म-बोध का क्षण है, यह भ्रम नया नहीं
Chorus:
जो दिख रहा है बदलता, वह तत्त्व नया नहीं
अपनी राह पर चलती धरती का यह सफ़र नया