Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

ढाबा रे Mandarशिका 2 by Paing

SongGPT
ढाबा रे Mandarशिका 2 by Paing - Folk,both vocals music cover art

ढाबा रे Mandarशिका 2

Folk,both vocals

0:003:24
Lyrics
Description
(verse)
ले ला नहीं रहे ढाबा रे Mandarशिका,
मेला का आंच ले ला नहीं रहे,
सपनों की दुनिया में खोए हुए हैं,
खुशियों के रंगों से भरे हुए हैं।
(chorus)
ढाबा रे, ढाबा रे, मस्ती की बात है,
गाने बजते हैं, दिल की सौगात है,
संगीत की लहरें, नाचने को मजबूर,
आओ मिलकर जिएं, हर पल का ये सुर।
(verse)
चाय की खुशबू, पकौड़ों का स्वाद,
दोस्तों का साथ, बस यही है इराद,
रंग-बिरंगी रोशनी, चकाचौंध सी रात,
मेला सजता है, दिल में बसता है प्यार।
(chorus)
ढाबा रे, ढाबा रे, मस्ती की बात है,
गाने बजते हैं, दिल की सौगात है,
संगीत की लहरें, नाचने को मजबूर,
आओ मिलकर जिएं, हर पल का ये सुर।
(pre-chorus)
भूल जाओ सारे ग़म, इस धुन में बहो,
सपनों की इस दुनिया में खो जाओ तुम,
जश्न मनाते चलो, हर लम्हा खास है,
ढाबा रे Mandarशिका में सबका साथ है।
(chorus)
ढाबा रे, ढाबा रे, मस्ती की बात है,
गाने बजते हैं, दिल की सौगात है,
संगीत की लहरें, नाचने को मजबूर,
आओ मिलकर जिएं, हर पल का ये सुर.