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जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली 2 by Pradeep

SongGPT
जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली 2 by Pradeep - indie,male vocals music cover art

जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली 2

indie,male vocals

0:003:23
Lyrics
Description
[Intro]
(आकुस्तिक फिंगरपिक, हल्का पैड, सॉफ्ट ब्रशेस)
[Verse 1]
खिड़की का शीशा टूटता, सर्द बारिश पिघलती है,
टूटी फूल की पंखुड़ी, मेरी तसवीरों में रह जाती है।
खाली बेंच पे बैठा हूँ, घड़ी का कांटा थम गया,
रास्ते चुप हैं, पर मेरे अंदर कुछ तमन्ना दम सा रहा।
[Pre-Chorus]
एक आवाज़ सब कुछ कहे, बिना शब्दों के बोल दे,
छोटी-छोटी यादें अब बड़ी-सी आग लगा दे।
और जब सांसें डगमगाएँ, मैं गीतों को संभाल लूँगा —
तेरी चालों को समझ न पाया, पर खुद को फिर बना लूँगा।
[Chorus]
जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली कोई यार ना मिला कोई प्यार ना मिला कोई साथ ना मिला कोई पास ना मिला जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली मे समझ ना सका उसकी चालाकी को मेने दिल से सभी पे भरोसा किया बाद मे जब जो गरज निकल गई फिर मुझे तोड़ के जड़ से फेंका गया जिंदगी मे कभी जिंदगी ना मिली
जिंदा हूँ, पर अपने नहीं — यह छंद बार-बार गूँजेगा।
[Verse 2]
दीवारों पर छोड़े निशान, चाय की प्याली ठंडी पड़ गयी,
हर फोटो में एक साया, किसी हँसी का रंग उड़ गया।
सड़कों की रौनक से दूर, मैं अपनी धुनें गुनगुनाता,
टूटी लाइट के नीचे भी मैं फिर से कुछ ख्वाब बनाता।
[Pre-Chorus]
रात कहे कुछ सच्चाई, सर्द हवा में जो भी मेरा साथी,
वो पन्ने जो फेंके गए, उनसे मैं एक नाम गढ़ लूँगा।
छोटे-छोटे इरादों से बड़ा जहाँ बनता है —
टूटे शीशे से इन्द्रधनुष निकलेगा, मैं उसे छू लूँगा।
[Chorus]
जिं