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ज़माने से ढूँढता रहूँगा 1 by Kartik

SongGPT
ज़माने से ढूँढता रहूँगा 1 by Kartik - Ballad,Male vocals music cover art

ज़माने से ढूँढता रहूँगा 1

Ballad,Male vocals

0:003:30
Lyrics
Description
(Verse 1)
दूर तलक फैली उस धुंध में, तेरी परछाई सी मिली,
हर साज़ पे तेरे नाम की, वो मीठी दास्ताँ चली।
आँखों में तेरा अक्स, जैसे चाँदनी की चाँदनी,
खोया हूँ मैं ज़माने में, तेरे ख्वाबों की तरंगों में।
(Pre-Chorus)
अकेलेपन की रातों में, सितारों से भी बातें करता हूँ,
उनकी चमक में ढूँढता तुझे, वो जो खो गया कहीं गहराई में।
प्लीज़ फिर से लौट आ, खोया हुआ वक़्त ले आ,
मेरे दिल की धड़कन बन जा, मेरी तन्हाई का सहारा।
(Chorus)
मैं तुम्हें ज़माने से ढूँढता रहूँगा,
हर एक सांस में तुम्हारा नाम गूँजता रहे।
मेरे हर सपने की गहराई में,
तुम्हारी याद का दीपक जलता रहे।
अगर चमत्कार है तो बस तुम्हें पाना चाहता हूँ,
अगली सुबह मैं किसके साथ रहूँगा?
(Verse 2)
तीन शब्द जो छुपा लिए, लबों पे वो कभी ना आए,
“I love you” की वो दुआ, हवाओं में कहीं खो गई।
गर्मियों की वो खुशबू, तेरी हँसी के गीत गाती है,
दिल की हर धड़कन में, तेरी यादें फिर से जागती हैं।
(Bridge)
साकुरागी-चो की सुबह की ठंडी हवा में,
खिला आसमान जैसे तेरी मुस्कुराहट का पता दे।
तुम नहीं मिली पर फिर भी, मेरा दिल तुझमें ही खोया है,
चमत्कार के लिए मैं हर मोड़ पर इंतजार करता हूँ।
(Chorus)
मैं तुम्हें ज़माने से ढूँढता रहूँगा,
हर एक सांस में तुम्हारा नाम गूँजता रहे।
मेरे हर सपने की गहराई में,
तुम्हारी याद का दीपक जलता रहे।
अगर चमत्कार है तो बस तुम्हें पाना चाहता हूँ,
अगली सुबह मैं किसके साथ रहूँगा?
(Outro)
बस एक बार, भग