Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

घर का पता 2 by Amitabh

SongGPT
घर का पता 2 by Amitabh - Spiritual music cover art

घर का पता 2

Spiritual

0:002:52
Lyrics
Description
मुझे मेरे घर का पता मिल गया।
भटकता रहा हूँ मैं जन्मों जनम,
कभी इस राह पे कभी उस राह पे,
गुरु जो मिले आशियां मिल गया।
मुझे मेरे घर का पता मिल गया।
खो गया था मैं संसार के सर्कस में,
बनके जोकर हर करतब दिखाते हुए,
थी मुझको मेरी कोई खबर ही नहीं,
गुरु- दर्पण में देखा सब याद आ गया।
मुझे मेरे घर का पता मिल गया।
फंसा था मैं खुद के ही जंजाल में,
कर्म-दलदल में फंस के छटपटाते हुए,
मुख में मेरे ज्यों ही ज्ञान मोती गिरा,
उसी दलदल में मैं कमलवत खिल गया।
हां, मुझे मेरे घर का पता मिल गया।
मुझे मेरे घर का पता मिल गया।