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गीता की वाणी 2 by Saurav

SongGPT
गीता की वाणी 2 by Saurav - Spiritual,both vocals music cover art

गीता की वाणी 2

Spiritual,both vocals

0:003:32
Lyrics
Description
🎙️ Intro (शांत तानपुरा और बांसुरी के साथ):
"न जायते म्रियते वा कदाचित्,
नायं भूत्वा भविता वा न भूयः..."
कर्म कर प्यारे, फल की ना सोच,
बस नाम जपे, मन से हो एक।
गीत जो गाया गीता ने कभी,
वो श्रीकृष्ण आज बोले तेरी पलक से अभी।
---
🪔 अंतरा 1: आत्मा का ज्ञान
🎤
आत्मा अजर है, अमर है,
ना जलती, ना डर है।
शरीर बदलते जैसे वस्त्र,
पर तू वही है, बस कर विश्वास।
"ना तू जन्मा, ना तू मरे,
सच्चे पथ पर अगर तू चले।"
---
🙏 अंतरा 2: धर्म और संकल्प
🎤
जब भी घिरे अंधेरों में मन,
सुन श्रीकृष्ण की मधुर वाणी सन।
“अधर्म से लड़, सत्य को पकड़,
युद्ध में ही मोक्ष का द्वार है जड़।”
"धर्म वही जो डर से लड़े,
कायर ना बने, साहस जगे।"
---
🕊️ अंतरा 3: माया और भक्ति
🎤
माया मोह की ये लीला है,
जाल नहीं, बस परीक्षा है।
भक्ति में जो खो जाए,
वो ही ब्रह्म को पा जाए।
"सब कुछ तेरा, तू सबमें है,
mुझमें भी तू, हर क्षण में है।"
---
🌟 ब्रिज / पुल लाइन (गहराई के साथ)
🎤
गीता नहीं, ये जीवन का सार है,
कृष्ण की वाणी, ब्रह्म का आकार है।
जब तू खुद को समझ जाएगा,
tab hi परमात्मा से मिल पाएगा…
---
🎵 पुनरावृत्ति मुखड़ा (आखिरी बार):
🎤
karm kar प्यारे, फल की ना सोच,
bas naam jape, man se ho ek।
geet jo gaya gita ne kabhi,
vah shri krishna aaj bole teri palak se abhi।