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गांव सलारा का सार 2 by Yatendra

SongGPT
गांव सलारा का सार 2 by Yatendra - Folk,both vocals music cover art

गांव सलारा का सार 2

Folk,both vocals

0:003:29
Lyrics
Description
(verse)
यूं है गांव सलारा का सार
यहां के बच्चे भी तैयार
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
यही तो इतिहास गढ़ रे है
जो इतिहास बता रे है
उन्हें ठाकुर ही कह रे है
यूं है गांव सलारा का सार ...
(chorus)
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
नए नए मसलों की मार
करते ये है मेहनत से पार
कोई नहीं है बराबरी को तैयार
यहां अंबेडकरवादी पल रे है
(verse)
यूं है गांव सलारा का सार
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
यही तो ठाकुर कह रे है
क्षत्रियों की यह रण भूमि रे
यही से शुरू होती हरि की रेली रे
घर घर के शांति के पुजारी है
छेड़ न दियो वरना यही
तुम्हे देंगे गाड़
(chorus)
यूं है गांव सलारा का सार
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
यही तो ठाकुर कह रहे है
भीम के नारों की जय जयकार
सबके दिलों में है उनका बास
यहां भीम भी पूज रहे है
(verse)
ये है गांव सलारा का सार
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
यही तो ठाकुर कह रहे है
गरीबों को इज्जत है
कोई भिड़ेगा तो इजाजत है
पीछे न हटेंगे
यहां रहीसो की भी है मार
(chorus)
यूं है गांव सलारा का सार
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
यही तो ठाकुर कह रहे है
जिला अमरोहा गांव सलारा
कुछ दिन से शांत
क्योंकि वहां फ्यूचर बन रे है
तभी तो बच्चे भी लायब्रेरी जा रे है
देंगे तुम्हे बिन असले के मार
(chorus)
यूं है गांव सलारा का सार