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गलियों ने पाला 2 by Mansi

SongGPT
गलियों ने पाला 2 by Mansi - Hip-Hop,both vocals music cover art

गलियों ने पाला 2

Hip-Hop,both vocals

0:003:22
Lyrics
Description
[वर्स 1]
ना कोई गाइड था, ना कोई रास्ता सीधा,
पैदल चला जो, उसने ही लिखा फ़साना जीता।
सपने थे भूखे, जेब थी खाली,
पर हौसला उतना भारी जितनी गली की स्याही।
चौराहों पे सुने फैसले, कानून से पहले,
यहाँ हर बच्चा सीखे चालें दस साल में पहले।
कभी डर में जिया, कभी डर बन गया,
वक़्त का मारा नहीं, अब मैं वक़्त बन गया।
[हुक/कोरस]
गलियों ने पाला, बना दी मिसाल,
धूप में जलते, पर सीना लोहे का माल।
जो झुके वो गिरा, जो लड़ा वही चला,
ये शहर मेरा नहीं — मैं ही शहर बना।
[वर्स 2]
हर सुबह का मतलब — नया सबक,
कल जो था दोस्त, आज बन गया शक।
कागज़ पे नक्शा नहीं, दिल पे नक़्श हैं,
जो भी खोया वो गिन — पर बचा हूँ, ये खुशबू है।
पुलिस की गाड़ी, रिश्तेदारों की चुप्पी,
सपनों के बदले मिली बस सस्ती ताली और घुसी।
पर मैं रुका नहीं, जला नहीं — गढ़ा गया,
मिट्टी का नहीं, अब आग से बना गया।
[हुक/कोरस रिपीट]
गलियों ने पाला, बना दी मिसाल,
धूप में जलते, पर सीना लोहे का माल।
जो झुके वो गिरा, जो लड़ा वही चला,
ये शहर मेरा नहीं — मैं ही शहर बना।
[ब्रिज – स्लो डाउन, थोड़ा इमोशनल, रियल टॉक]
भाई भी गए, कुछ दुश्मन भी साथ थे,
जो ज़िंदा बचे, उनके भी हाथ खाली थे।
पर आज खड़ा हूँ, इन्हीं ईंटों पे बना,
नाम मेरा छोटा सही — पर दिलों पे छपा।
[आउट्रो – बीट धीमा, लेकिन इंटेंस]
ये कहानी उन सबकी है,
जो किसी गलती की पैदाइश नहीं, पर साबित करने निकले हैं —
कि गलियों से भी ताज बनते हैं.