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खामोशी के रंग 2 by Binod

SongGPT
खामोशी के रंग 2 by Binod - Indian - Contemporary Ghazal Fusion,Female Vocals music cover art

खामोशी के रंग 2

Indian - Contemporary Ghazal Fusion,Female Vocals

0:003:32
Lyrics
Description
(अंतरा 1)
चाँदनी भी टूटती सी लगती है,
तेरे बिना हर शाम सुनसान सी लगती है।
जो सपने तेरे साथ बुनते थे कभी,
अब वे परिंदे खोए हुए आसमान सी लगती हैं।
(अंतरा 2)
तेरी हँसी की गूंज, जैसे बारिश की फुहार,
सूनी गलियों में गूंजती है, दिल में सवार।
हर याद तेरी, जैसे गुलाब की ताजी पंखुड़ी,
जिसमें छिपा हो दर्द, और छुपा हो प्यार।
(कोरस)
अब ना तू है, ना तेरी बातों का असर,
तन्हाई के इस मंजर में खो गया हर सफर।
दिल की दास्ताँ, जैसे टूटा हुआ शबनम का कतरा,
सांसें भी अब गुनाह करती हैं, तेरे बिना अधूरा।
(अंतराल - Instrumental with Sarangi & Sitar)
(अंतरा 3 - बदलाव)
कभी तेरे ख्वाबों में, चुपके से आता था सुकून,
अब हर खुशी भी लगती है जैसे कोई अधूरा जुनून।
तेरे जाने के बाद, खामोशी ने भी रंग बदले,
रातें भी अब मेरी परछाइयों से डरने लगीं।
(कोरस - परिवर्तन)
ना तू है, ना तेरे ख्यालों का असर,
फिर भी तेरी यादों से लड़ता ये दिल बेकरार।
तन्हाई की इस दास्तां में छुपा है इश्क़ का जज़्बा,
सांसें भी अब गुनाह करती हैं, तेरे बिना अधूरा।
(ब्रिज - नया नजरिया)
शायद ये दूरी भी एक कहानी कहती है,
जहां दिल टूटते हैं, वहीं उम्मीदें भी खिलती हैं।
तेरे बिना भी, मैं खुद को ढूंढता रहता हूँ,
इस खामोशी में भी तेरी आवाज़ सुनता रहता हूँ।
(अंतिम कोरस)
अब ना तू है, ना तेरी बातों का असर,
पर तेरे बिना भी ये दिल ढूंढता है सफर।
हर दर्द में तेरी याद की खुशबू बसी है,
सांसें भी अब गुनाह करती हैं, त