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कारी पोंई के रंग 1 by nilkanth

SongGPT
कारी पोंई के रंग 1 by nilkanth - Chhattisgarhi Folk music cover art

कारी पोंई के रंग 1

Chhattisgarhi Folk

0:003:23
Lyrics
Description
(अंतरा 1)
कारी पोंई ल देख के, मोर मन ह डोलगे,
बइला के चरवाही मा, तैं नजरिया फेंक दे。
फूल कस मुस्कान तेर, मन म बगइचा खिल गे,
तोर ये जादू ल देख, मोर दिल ह फँस गे。
धुन
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
तोर नजरिया मा कस मोहिनी होई。
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
तैं ह बस गे हस मोर सपनों म खोई。
(अंतरा 2)
नदी किनारे जाबो संग, बंसी म गाबो राग,
तोला देख के ये सरी, गा डारय प्रेम के भाग।
मोर कस जुड़ गे मन, तोर मीठ बोली म,
तोला देख देख के, रहि गेंव म भुला जगी。
धुन
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
छत्तीसगढ़ के सुग्घर गाथा होई।
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
तेरे संग बीतय जिनगी मोर संगी होई。
(अंतिम अंतरा)
सरग म भेजे देवता, तोला धरती म बिसाए,
तोर सुघ्घरता देख के, बादर घलो शरमाए。
गाँव म सबो कहिथे, तोर जोड़ी मोर संग,
भगवान घलो मुस्काइस, सुन के प्रेम के रंग।
धुन
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
तोला पाकर मिल गे मोला जिनगी के रोई।
कारी पोंई... ओ कारी पोंई,
अब तोर संग जियाबो, नइ छोड़बो कोई।