Create New Playlist

Add a cover pic of your own choice

(Optional)

Name

AI Cover Generator

4 credits

Not enough credits (0/4).

Logout

Are you sure you want to Logout?

Close

कलम जलती रही 1 by Hshshsh

SongGPT
कलम जलती रही 1 by Hshshsh - लोक / भावुक,female vocals music cover art

कलम जलती रही 1

लोक / भावुक,female vocals

0:003:09
Lyrics
Description
(intro)
छाँव भी जल गई,
राहें अब खामोश हैं।
सांस में धुआं है,
शब्द भी मदहोश हैं।
(verse 1)
कलम जलती रही, रात भर बेमन,
लिखा जो ना लिखा, वो था मेरा जीवन।
सदीयों की पीड़ा, पन्नों पे बहती,
आँसू से गीली, हर एक पंक्ति कहती।
(chorus)
किसे कहूँ मैं दर्द अपना,
जब सन्नाटा भी बोलता है।
हर स्याही में चुप्पी छुपी है,
और जख्मों से गीत ढलता है。
(verse 2)
सपनों की राख से, शब्दों को सींचा,
हर जली उम्मीद को, नज़्मों में खींचा。
कहते हैं कवि झूठ नहीं लिखते,
पर सच भी तो अक्सर जलते लिखते。
(outro)
कलम अब थक गई,
पर भाव रुके नहीं。
मौत भी ना रोक सके,
जहाँ अश्रु बहे वहीं。