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कमला की कहानी 2 by Sanjay

SongGPT
कमला की कहानी 2 by Sanjay - Horror,female vocals music cover art

कमला की कहानी 2

Horror,female vocals

0:003:40
Lyrics
Description
अंतरा 1 (Verse 1)
सन् अस्सी की बात है, गाँव था वो पुराना,
नयी दुल्हन आई, न जाने क्या था ज़माना।
खुशियाँ थी घर में, खुशहाल था हर क्षण,
पर एक रात आया, वो काला अनिष्टा चरण।
चीख उठी कमला, बदल गई हर सूरत,
उसके भीतर था अब, कोई भयानक मूरत。
मुखड़ा (Chorus)
अँधेरी हवेली, सन्नाटा गहरा,
एक नाम की गूँज, "कमला" है तेरा।
नयन हैं लाल, परछाई है काली,
डर की पुकार, आत्मा है प्यासी।
अंतरा 2 (Verse 2)
बुलाया तांत्रिक को, जो ज्ञान का भंडार था,
मंत्रों की शक्ति से, जो करता उपचार था।
कमला के कमरे में, अब डर का राज है,
हर कोने में उसकी, शैतानी आवाज़ है।
झाँकी में वो दिखी, कभी ज़मीन पे घिसटती,
तांत्रिक के कदमों में, साँसें थीं अटकती।
मुखड़ा (Chorus)
अँधेरी हवेली, सन्नाटा गहरा,
एक नाम की गूँज, "कमला" है तेरा।
नयन हैं लाल, परछाई है काली,
डर की पुकार, आत्मा है प्यासी।
पुल (Bridge)
पूजा की अग्नि, अब तेज़ी से जल रही,
दानव की शक्ति, धीरे-धीरे गल रही।
धूप और मंत्रों से, कमज़ोर वो पड़ रहा,
कमला का शरीर, मुक्ति को तरस रहा।
अंतिम प्रहार है, ये शक्ति का वार है,
डर के अँधेरे पर, अब जीत की हार है।
मुखड़ा (Chorus)
अँधेरी हवेली, सन्नाटा गहरा,
एक नाम की गूँज, "कमला" है तेरा।
नयन हैं लाल, परछाई है काली,
डर की पुकार, आत्मा है प्यासी।
समापन (Outro)
शांति अब छाई, आत्मा हुई आज़ाद,
कमला की कहानी, बनी एक याद।
भय का साया, अब कहीं नहीं है,
बस शांति और सुकून, हर पल वहीं है.