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अरमान - समुंदर वाला रैप 1 by Altab

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अरमान - समुंदर वाला रैप 1 by Altab - रैप music cover art

अरमान - समुंदर वाला रैप 1

रैप

0:002:56
Lyrics
Description
अपने ही दर्द में हर रोज़ डूबता अरमान।
अपने ही दर्द में हर रोज़ डूबता अरमान।
समुंदर के किनारे, पर मेज कर रोज़ डौबता अरमान।
जिसको जाता है, उसी को खो डौबता अरमान।
छेहर में हसी, बगड अंदर से परेशा।
अपने ही दर्द में हर रोज़ डूबता अरमान।
लहरों से पूछू, मेरा सूर किया था।
जिसे दिल बिया था, वो मुझे से जूदा था।
चान्द बिगवा है, नेरी तन्हा रातों का।
दर्द ही बना साथ, मेरी हर बातों का।
वक्स बदल लेगा, यही सोचे के जीता।
आँसू चूपा कर, हर गसम को मैं पीता।
मौंबट में हारा, बगड़ हारा नहीं जाँ।
तूता कर भी घरजा है, आज भी अरमान।
तूप छाओ के बीच मैं चलता रहता हूँ।
हर एक उमीद को फिर से जगाता हूँ।
तूता क्वाब है, पर दिल में आगल है।
समुंधर की तर गहरा मेरा जे जाध सफर है।
समुंधर की किनारे वर्ण बेच कर रूपता रहा।
जिसको जियां ताए उसी को खुटा रहा।
चेहर में हची, मगलंदल से फरेचा।
अपने ही दर्द में हाद रोज रूपता रहा।
लाहरें गाती है,
मेरे ज़बातर सुनाती है,
जो दिकि जो किया था जब यादनई आता।
समुंधर की किनारे वर्ण बेच कर रूपता रहा।
शमुं दार कि किनारे वर्ण बेच कर ड़ा रगा ...
समुंधर की किनारे वर्ण बेच कर रूपता रगा ...