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अधूरी स्क्रिप्ट 2 by AKSH

SongGPT
अधूरी स्क्रिप्ट 2 by AKSH - indie,female vocals music cover art

अधूरी स्क्रिप्ट 2

indie,female vocals

0:003:39
Lyrics
Description
तेरे जाने के बाद सब कुछ रुक-सा गया,
घड़ी की सुइयाँ भी थम गई हैं जैसे,
कमरे की दीवारें अब सवाल पूछती हैं,
क्या तू कभी सच में था… या मैं ही झूठा था?
तेरे कपड़े अब भी वहीं टंगे हैं,
तेरी खुशबू तकिए में अब भी जिंदा है,
दरवाज़ा हर शाम खुद-ब-खुद खुलता है,
जैसे तुझसे मिलने की उम्मीद बाकी हो।
चाय अब भी दो कप बनती है,
पर दूसरा कप ठंडा ही रह जाता है,
मैं बैठा रहता हूँ खामोश,
तेरी हँसी की गूँज को ढूँढता हुआ।
फोन में तेरी तस्वीरें अब भी हैं,
डिलीट करने की हिम्मत नहीं होती,
हर बार सोचता हूँ — शायद तू लौट आए,
पर सच तो ये है कि तू अब कहीं और है।
तेरे बिना ये शहर भी अजनबी लगता है,
जहाँ साथ चलने के वादे किए थे,
वहाँ अब मैं अकेला चलता हूँ,
तेरे नक्श-ए-कदम मिटते जा रहे हैं।
रातें सबसे लंबी होती जा रही हैं,
नींद अब सपनों से डरती है,
क्योंकि हर सपना तेरे साथ शुरू होता है,
और अकेलेपन पर खत्म।
लोग पूछते हैं — ‘अब कैसे हो?’
और मैं मुस्कुरा कर कहता हूँ — ‘ठीक हूँ’,
पर अंदर कुछ टूटा हुआ
हर जवाब में चुपचाप रोता है।
तेरे बिना लिखे खत, फेंक नहीं पाता,
शब्द अब भी तुझे पुकारते हैं,
ये आँखें, ये साँसें, ये दिल —
सब कुछ अभी भी तेरा इंतज़ार करते हैं।
तू तो शायद आगे बढ़ गई होगी,
शायद किसी और की यादों में बस गई होगी,
पर मैं अब भी वहीं हूँ
जहाँ तूने आखिरी बार 'अलविदा' कहा था।
मैं जी रहा हूँ… पर जैसे बेमन से,
तेरे बिना ये ज़िंदगी कोई कहानी नहीं,